हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत “नहजुल बलागा़” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امیرالمؤمنین امام علی علیهالسلام:
عَیْبُکَ مَسْتُورٌ مَا أَسْعَدَکَ جَدُّکَ
अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने फ़रमायाः
तुम्हारी गलतियाँ तब तक छिपी रहती हैं जब तक समय तुम्हारे साथ तालमेल नहीं बिठा लेता।
नहजुल बलागा, हिकमत 51
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